कब से कहने की हिम्मत जुटा रहा हूँ
कि तुमसे मोहब्बत है कितनी
जाने आज ऐसा क्या हुआ
कि दिल ने कहा कह ही डालूँ
जब किताब के पन्नो की सफेदी
तुम्हारे चेहरे पर चमकती है
दिल रुक सा जाता है
जब हंसी की एक ठंडी लहर
मेरे कानों तक आती है
वक़्त थम सा जाता है
जाने आज ऐसा क्या हुआ
दिल ने कहा कह ही डालूँ
कितनी मोहब्बत है तुमसे
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